Bihar Crime: औरंगाबाद में नेपाली महिला से सामूहिक दुष्कर्म, तीन आरोपी गिरफ्तार; एक नाबालिग
नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि शिकायत मिलते ही पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सभी को न्यायालय में पेश किया गया।
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औरंगाबाद नगर थाना क्षेत्र में नेपाल की रहने वाली 20 वर्षीय महिला के साथ कथित सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें दो वयस्क और एक नाबालिग शामिल है।
पुलिस के अनुसार, घटना मंगलवार देर शाम सिंचाई कॉलोनी स्थित एक खंडहरनुमा मकान में हुई। पीड़िता ने रात में अपने पति को घटना की जानकारी दी। इसके बाद बुधवार को पति के साथ नगर थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने आरोपियों की पहचान भी बताई, जिसके आधार पर पुलिस ने छापेमारी कर तीनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शहर के महुआ शहीद मोहल्ला निवासी जीतू उर्फ पाली और अभिषेक कुमार के रूप में हुई है। तीसरा आरोपी नाबालिग है। पुलिस के अनुसार, दोनों वयस्क आरोपी ऑटो चालक हैं।
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि नाबालिग आरोपी ने उसके बच्चों को घुमाने का झांसा देकर उसे साथ चलने के लिए कहा। वह अपने दो छोटे बच्चों के साथ उसके साथ गई। रास्ते में उसे एक टेंपो में बैठाया गया, जिसमें जीतू और अभिषेक पहले से मौजूद थे। आरोप है कि तीनों उसे बाजार घुमाने के बाद सिंचाई कॉलोनी स्थित एक खंडहरनुमा मकान में ले गए, जहां उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट भी की गई। घटना के दौरान आरोपियों ने बच्चों का ध्यान भटकाने के लिए उन्हें मोबाइल फोन दे दिए। पीड़िता का आरोप है कि घटना के बाद आरोपी उसे नगर थाना के पास स्थित पानी की टंकी के समीप छोड़कर फरार हो गए। जाते समय उन्होंने उसे 100 रुपये भी दिए।
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नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि शिकायत मिलते ही पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सभी को न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश पर दो वयस्क आरोपियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया, जबकि नाबालिग को बाल न्याय प्रणाली के तहत प्लेस ऑफ सेफ्टी भेजा गया।
पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया है और न्यायालय में उसका बयान भी दर्ज कराया गया है। पीड़िता के पति ने बताया कि वह परिवार के साथ औरंगाबाद शहर में किराये के मकान में रहते हैं और चाय बेचकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनकी पत्नी बच्चों के साथ बाजार गई थी और लौटने पर उसने घटना की जानकारी दी।